New Step by Step Map For Isliye mantra yahan sirf reference ke liye diya gaya hai.

This celebration encourages us to help make profound connections with our interior selves, which promotes spiritual expansion and peace. This holy year reminds us which the core of devotion is the purity of our hearts as well as sincerity of our prayers.

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।

पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।

नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।

अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये here प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।

फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें। 

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